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श्री विष्णु पुराण
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अंश 4: चतुर्थ अंश
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अध्याय 13: सत्वतकी सन्ततिका वर्णन और स्यमन्तकमणिकी कथा
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श्लोक 26
श्लोक
4.13.26
तत्प्रभावाच्च सकलस्यैव राष्ट्रस्योपसर्गानावृष्टिव्यालाग्निचोरदुर्भिक्षादिभयं न भवति॥ २६॥
अनुवाद
उसके प्रभाव से सम्पूर्ण राष्ट्र में रोग, अनावृष्टि, सर्प, अग्नि, चोर अथवा दुर्भिक्ष आदि का भय नहीं रहा ॥26॥
Due to his influence, there was no fear of disease, drought, snake, fire, thief or famine etc. in the entire nation. 26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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