श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 13: सत्वतकी सन्ततिका वर्णन और स्यमन्तकमणिकी कथा  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  4.13.17 
स च तदेव मणिरत्नमयाचत॥ १७॥
 
 
अनुवाद
सत्राजित ने वह स्यमन्तक मणि ही माँगी। 17॥
 
Satrajit asked only for that Syamantaka gem. 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)