श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 13: सत्वतकी सन्ततिका वर्णन और स्यमन्तकमणिकी कथा  »  श्लोक 157
 
 
श्लोक  4.13.157 
आर्यबलभद्रेणापि मदिरापानाद्यशेषोपभोगपरित्याग: कार्य:॥ १५७॥
 
 
अनुवाद
इससे आर्य बलभद्रको भी मदिरापान आदि सब सुखोंका त्याग करना पड़ेगा ॥157॥
 
Due to this, Arya Balabhadra will also have to give up all pleasures like drinking liquor etc. ॥ 157॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)