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श्री विष्णु पुराण
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अंश 4: चतुर्थ अंश
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अध्याय 13: सत्वतकी सन्ततिका वर्णन और स्यमन्तकमणिकी कथा
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श्लोक 156
श्लोक
4.13.156
अतोऽहमस्य षोडशस्त्रीसहस्रपरिग्रहादसमर्थो धारणे कथमेतत्सत्यभामा स्वीकरोति॥ १५६॥
अनुवाद
मेरी सोलह हजार पत्नियाँ हैं, इसलिए मैं इसे धारण करने में समर्थ नहीं हूँ, फिर सत्यभामा इसे कैसे धारण कर सकती हैं ?॥156॥
I have sixteen thousand wives, therefore I am not capable of wearing it, so how can Satyabhama wear it?॥ 156॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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