श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 13: सत्वतकी सन्ततिका वर्णन और स्यमन्तकमणिकी कथा  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  4.13.15 
ततस्तमाताम्रोज्ज्वलं ह्रस्ववपुषमीषदापिंगलनयनमादित्यमद्राक्षीत्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
तब सत्राजित ने भगवान सूर्य को देखा - उनका शरीर किंचित ताम्रवर्ण का, अत्यन्त चमकीला और छोटा था तथा उनकी आँखें किंचित गुलाबी रंग की थीं ॥15॥
 
Then Satrajit saw Lord Surya - his body was slightly copper colored, very bright and small and his eyes were slightly pink in color. 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)