vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 4: चतुर्थ अंश
»
अध्याय 13: सत्वतकी सन्ततिका वर्णन और स्यमन्तकमणिकी कथा
»
श्लोक 15
श्लोक
4.13.15
ततस्तमाताम्रोज्ज्वलं ह्रस्ववपुषमीषदापिंगलनयनमादित्यमद्राक्षीत्॥ १५॥
अनुवाद
तब सत्राजित ने भगवान सूर्य को देखा - उनका शरीर किंचित ताम्रवर्ण का, अत्यन्त चमकीला और छोटा था तथा उनकी आँखें किंचित गुलाबी रंग की थीं ॥15॥
Then Satrajit saw Lord Surya - his body was slightly copper colored, very bright and small and his eyes were slightly pink in color. 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×