श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 13: सत्वतकी सन्ततिका वर्णन और स्यमन्तकमणिकी कथा  »  श्लोक 148
 
 
श्लोक  4.13.148 
अथाहाक्रूरः स एष मणि: शतधन्वनास्माकं समर्पित: यस्यायं स एनं गृह्णातु इति॥ १४८॥
 
 
अनुवाद
तब अक्रूर बोले, "यह मणि मैंने शतधन्वा को दी थी। जिसका भी यह मणि हो, वह इसे ले ले।" 148
 
Then Akrūra said, “I had given this gem to Shatdhanvān. Whoever owns it may take it.” 148
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)