श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 13: सत्वतकी सन्ततिका वर्णन और स्यमन्तकमणिकी कथा  »  श्लोक 122
 
 
श्लोक  4.13.122 
तात यद्येकैकां गां दिने दिने ब्राह्मणाय प्रयच्छसि तदाहमन्यै स्त्रिभिर्वर्षैरस्माद‍्गर्भात्तावदवश्यं निष्क्रमिष्यामीत्येतद्वचनमाकर्ण्य राजा दिने दिने ब्राह्मणाय गां प्रादात्॥ १२२॥
 
 
अनुवाद
पिताश्री! यदि आप प्रतिदिन ब्राह्मण को एक गाय दान करेंगे तो तीन वर्ष के बाद मैं अवश्य ही गर्भ से बाहर आ जाऊँगा।’ यह सुनकर राजा ने प्रतिदिन ब्राह्मण को एक गाय देना आरम्भ कर दिया॥122॥
 
Father! If you donate a cow to a Brahmin every day, then after three years I will surely come out of the womb.' On hearing this, the king started giving a cow to the Brahmin every day.॥ 122॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)