श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 13: सत्वतकी सन्ततिका वर्णन और स्यमन्तकमणिकी कथा  »  श्लोक 117
 
 
श्लोक  4.13.117 
काशिराजपन्त्याश्च गर्भे कन्यारत्नंपूर्वमासीत्॥ ११७॥
 
 
अनुवाद
उस समय काशी नरेश की रानी के गर्भ में एक कन्या थी।
 
At that time the queen of the King of Kashi was carrying a baby girl in her womb. 117.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)