श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 12: यदुपुत्र क्रोष्टुका वंश  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  4.12.26 
अतिचपलचित्तात्र स्यन्दने केयमारोपितेति॥ २६॥
 
 
अनुवाद
हे अत्यंत चंचल मन वाले! तूने रथ में किसे बैठाया है?॥26॥
 
"Oh, you very fickle-minded one! Who have you seated in the chariot?"॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)