श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 11: यदुवंशका वर्णन और सहस्रार्जुनका चरित्र  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  4.11.28 
यतो वृष्णिसंज्ञामेतद‍्गोत्रमवाप॥ २८॥
 
 
अनुवाद
वृष्णि के कारण यह वंश वृष्णि कहलाया।
 
Because of Vrishni this clan was called Vrishni. 28.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)