श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 11: यदुवंशका वर्णन और सहस्रार्जुनका चरित्र  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  4.11.25 
भरताद‍्वृष:॥ २५॥ वृषस्य पुत्रो मधुरभवत्॥ २६॥ तस्यापि वृष्णिप्रमुखं पुत्रशतमासीत्॥ २७॥
 
 
अनुवाद
भरत के वृष, वृष मधु और मधु वृष्णि आदि सौ पुत्र थे। 25-27॥
 
Bharata had Vrisha, Vrisha Madhu and Madhu Vrishni etc. a hundred sons. 25-27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)