श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 11: यदुवंशका वर्णन और सहस्रार्जुनका चरित्र  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  4.11.19 
माहिष्मत्यां दिग्विजयाभ्यागतो नर्मदाजलावगाहनक्रीडातिपानमदाकुलेनायत्नेनैव तेनाशेषदेवदैत्यगन्धर्वेशजयोद्भूतमदावलेपोऽपि रावण: पशुरिव बद्‍ध्वा स्वनगरैकान्ते स्थापित:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
एक दिन जब वह अत्यधिक मदिरापान के कारण मदमस्त होकर नर्मदा नदी के जल में क्रीड़ा कर रहा था, तब विश्व विजय हेतु आए सभी देवताओं, दानवों, गंधर्वों और राजाओं की विजय के मद में चूर रावण ने उसकी राजधानी महिष्मतीपुरी पर आक्रमण कर दिया। उस समय उसने अनजाने में ही रावण को पशु की भाँति बाँधकर अपनी नगरी में एकांत स्थान पर रख दिया।
 
One day, when he was playing in the water of the Narmada river, inebriated due to excessive drinking, Ravana, intoxicated by the victory of all the gods, demons, Gandharvas and kings who had come to conquer the world, attacked his capital, Mahishmatipuri. At that time, he unintentionally tied up Ravana like an animal and kept him in a secluded place in his city.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)