श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 11: यदुवंशका वर्णन और सहस्रार्जुनका चरित्र  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  4.11.15 
तस्य च श्लोकोऽद्यापि गीयते॥ १५॥
 
 
अनुवाद
उनके विषय में आज भी यह श्लोक सुनाया जाता है- ॥15॥
 
This verse is recited about him even today - ॥15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)