श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 11: यदुवंशका वर्णन और सहस्रार्जुनका चरित्र  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  4.11.13 
तेनेयमशेषद्वीपवती पृथिवी सम्यक्परिपालिता॥ १३॥ दशयज्ञसहस्राण्यसावयजत्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन ने सम्पूर्ण सप्तद्वीपवती पृथ्वी का पालन किया तथा दस हजार यज्ञ किये ॥13-14॥
 
Arjuna looked after the entire Saptadvipavati earth and performed ten thousand yagyas. 13-14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)