श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 1: वैवस्वतमनुके वंशका विवरण  »  श्लोक 92
 
 
श्लोक  4.1.92 
तस्मै त्वमेनां तनयां नरेन्द्र
प्रयच्छ मायामनुजाय जायाम्।
श्लाघ्यो वरोऽसौ तनया तवेयं
स्त्रीरत्नभूता सदृशो हि योग:॥ ९२॥
 
 
अनुवाद
हे नरेन्द्र! तुम इस कन्या को उन मायावी पुरुष श्री बलदेवजी को पत्नी रूप में दे दो। ये बलदेवजी संसार में अत्यन्त प्रशंसित हैं और तुम्हारी पुत्री भी स्त्रियों में रत्न है, अतः इनका संयोग सर्वथा उचित है। 92॥
 
Hey Narendra! You give this girl as your wife to that illusionary man Shri Baldevji. This Baldevji is highly praised in the world and your daughter is also a gem among women, hence their combination is absolutely appropriate. 92॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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