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श्री विष्णु पुराण
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अंश 4: चतुर्थ अंश
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अध्याय 1: वैवस्वतमनुके वंशका विवरण
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श्लोक 82
श्लोक
4.1.82
ततस्स भगवान् किञ्चिदवनम्रकन्धर: कृताञ्जलिर्भूत्वा सर्वलोकगुरुरम्भोजयोनिराह॥ ८२॥
अनुवाद
तब सम्पूर्ण लोकों के गुरु भगवान कामलयोनी ने सिर झुकाकर और हाथ जोड़कर कहा ॥82॥
Then Lord Kamalyonee, the Guru of all worlds, bowed his head and folded his hands and said. 82॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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