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श्री विष्णु पुराण
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अंश 4: चतुर्थ अंश
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अध्याय 1: वैवस्वतमनुके वंशका विवरण
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श्लोक 6
श्लोक
4.1.6
ब्रह्मणश्च दक्षिणाङ्गुष्ठजन्मा दक्षप्रजापति: दक्षस्याप्यदितिरदितेर्विवस्वान् विवस्वतो मनु:॥ ६॥
अनुवाद
ब्रह्माजी के दाहिने अंगूठे से दक्ष प्रजापति उत्पन्न हुए, दक्ष से अदिति उत्पन्न हुईं, अदिति से विवस्वान और विवस्वान से मनु उत्पन्न हुए ॥6॥
From the right thumb of Brahmaji, Daksha Prajapati was born, from Daksha, Aditi was born, from Aditi, Vivaswan and from Vivaswan, Manu was born. 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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