एकरात्रस्थितिर्ग्रामे पञ्चरात्रस्थिति: पुरे।
तथा तिष्ठेद्यथाप्रीतिर्द्वेषो वा नास्य जायते॥ २८॥
अनुवाद
उसे एक रात गाँव में और पाँच रात नगर में रहना चाहिए और इन दिनों में इस प्रकार रहना चाहिए कि उसके मन में किसी के प्रति राग या द्वेष न हो॥ 28॥
He should stay in the village for one night and in the city for five nights, and during these days he should stay in such a way that he does not develop any love or hatred towards anyone.॥ 28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥