इत्येते कथिता राजन्वर्णधर्मा मया तव।
धर्मानाश्रमिणां सम्यग्ब्रुवतो मे निशामय॥ ४१॥
अनुवाद
हे राजन! इस प्रकार मैंने तुमसे वर्णधर्म का वर्णन किया; अब मैं आश्रमधर्म का वर्णन करूँगा; ध्यानपूर्वक सुनो॥41॥
O King, I have thus described to you the Varnadharma (characteristics of the Varnas); now I shall describe the Ashramadharma further; listen carefully. ॥ 41॥
इति श्रीविष्णुपुराणे तृतीयेंऽशे अष्टमोऽध्याय:॥ ८॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)