श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 8: विष्णु भगवान‍्की आराधना और चातुर्वर्ण्य-धर्मका वर्णन  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  3.8.29 
दुष्टानां शासनाद्राजा शिष्टानां परिपालनात्।
प्राप्नोत्यभिमताँल्लोकान्वर्णसंस्थां करोति य:॥ २९॥
 
 
अनुवाद
जो राजा अपने वर्णधर्म का पालन करता है, दुष्टों को दण्ड देता है और सज्जनों की रक्षा करता है, वह इच्छित लोकों को प्राप्त करता है ॥29॥
 
A king who maintains his Varnadharma, by punishing the wicked and protecting the virtuous, achieves the worlds he desires. ॥ 29॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)