और्व उवाच
ब्राह्मणक्षत्रियविशां शूद्राणां च यथाक्रमम्।
त्वमेकाग्रमतिर्भूत्वा शृणु धर्मान्मयोदितान्॥ २१॥
अनुवाद
और्व ने कहा - मैं तुमसे एक-एक करके जो ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र के धर्मों का वर्णन कर रहा हूँ, उन्हें तुम एकाग्रचित्त होकर सुनो।
Aurva said - Listen with full concentration to the religions of the Brahmins, Kshatriyas, Vaishyas and Shudras, which I am describing to you one by one. 21.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)