Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
vishnu 3.7.30: जो दुष्ट बुद्धि वाला है और अपने इष्ट मित्र, सम्बन्धी, स्त्री, पुत्र, पुत्री, पिता और सेवकों पर भी धन का लोभ करता है, उस पापी मनुष्य को भगवान का भक्त मत समझो॥30॥   |   vishnu अध्याय 3.7: यमगीता   ।   vishnu अंश 3: तृतीय अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 7: यमगीता  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  3.7.30 
परमसुहृदि बान्धवे कलत्रे
सुततनयापितृमातृभृत्यवर्गे।
शठमतिरुपयाति योऽर्थतृष्णां
तमधमचेष्टमवेहि नास्य भक्तम्॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
जो दुष्ट बुद्धि वाला है और अपने इष्ट मित्र, सम्बन्धी, स्त्री, पुत्र, पुत्री, पिता और सेवकों पर भी धन का लोभ करता है, उस पापी मनुष्य को भगवान का भक्त मत समझो॥30॥
 
Do not consider that sinful person who has evil mind and shows greed for wealth towards his best friend, relatives, wife, son, daughter, father and servants as a devotee of God. 30॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)