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vishnu 3.7.17: जैसे वायु में उड़ने वाले परमाणु वायु के शान्त हो जाने पर पृथ्वी में विलीन हो जाते हैं, वैसे ही गुणों के विक्षोभ से उत्पन्न हुए देवता, मनुष्य और पशु आदि सभी प्राणी [जब उनका अन्त हो जाता है] सनातन परब्रह्म में विलीन हो जाते हैं।॥17॥   |   vishnu अध्याय 3.7: यमगीता   ।   vishnu अंश 3: तृतीय अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 7: यमगीता  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  3.7.17 
क्षितितलपरमाणवोऽनिलान्ते
पुनरुपयान्ति यथैकतां धरित्र्या:।
सुरपशुमनुजादयस्तथान्ते
गुणकलुषेण सनातनेन तेन॥ १७॥
 
 
अनुवाद
जैसे वायु में उड़ने वाले परमाणु वायु के शान्त हो जाने पर पृथ्वी में विलीन हो जाते हैं, वैसे ही गुणों के विक्षोभ से उत्पन्न हुए देवता, मनुष्य और पशु आदि सभी प्राणी [जब उनका अन्त हो जाता है] सनातन परब्रह्म में विलीन हो जाते हैं।॥17॥
 
Just as the atoms flying in the wind merge with the earth when the wind calms down, similarly all the gods, human beings and animals, etc., born from the disturbance of the gunas (quality) [when they come to an end] merge into the eternal Supreme Being. ॥17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)