श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 6: सामवेदकी शाखा, अठारह पुराण और चौदह विद्याओंके विभागका वर्णन  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  3.6.22 
आग्नेयमष्टमं चैव भविष्यन्नवमं स्मृतम्।
दशमं ब्रह्मवैवर्त्तं लैंगमेकादशं स्मृतम्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
इसी प्रकार आठवें को आग्नेय, नौवें को भविष्यत्, दसवें को ब्रह्मवैवर्त्त और ग्यारहवें को पुराण लैंग कहते हैं ॥22॥
 
Similarly, the eighth is called Aagneya, the ninth is called Bhavishyat, the tenth is called Brahmavaivartta and the eleventh is called Purana Lang. 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)