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vishnu 3.4.7: जब व्यास जी ने ब्रह्माजी की प्रेरणा से वेदों का विभाजन करने का कार्य अपने हाथ में लिया तो उन्होंने चार ऋषियों को अपना शिष्य बनाया जो वेदों का अंत तक अध्ययन करने में सक्षम थे।   |   vishnu अध्याय 3.4: ऋग्वेदकी शाखाओंका विस्तार   ।   vishnu अंश 3: तृतीय अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 4: ऋग्वेदकी शाखाओंका विस्तार  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  3.4.7 
ब्रह्मणा चोदितो व्यासो वेदान्व्यस्तुं प्रचक्रमे।
अथ शिष्यान्प्रजग्राह चतुरो वेदपारगान्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
जब व्यास जी ने ब्रह्माजी की प्रेरणा से वेदों का विभाजन करने का कार्य अपने हाथ में लिया तो उन्होंने चार ऋषियों को अपना शिष्य बनाया जो वेदों का अंत तक अध्ययन करने में सक्षम थे।
 
When Vyasa, under the inspiration of Brahmaji, undertook the task of dividing the Vedas, he took as his disciples four sages who were capable of studying the Vedas till the end.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)