श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 4: ऋग्वेदकी शाखाओंका विस्तार  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  3.4.6 
तेन व्यस्ता यथा वेदा मत्पुत्रेण महात्मना।
द्वापरे ह्यत्र मैत्रेय तस्मिञ्छृणु यथातथम्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
हे मैत्रेय! मेरे पुत्र महात्मा कृष्ण द्वैपायन ने द्वापर में जिस प्रकार वेदों का विभाग किया था, उसे ठीक-ठीक सुनो।॥6॥
 
O Maitreya! Listen to the exact way in which my son, the great soul Krishna Dwaipayana, divided the Vedas in the Copper Age. ॥ 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)