श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 4: ऋग्वेदकी शाखाओंका विस्तार  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  3.4.19 
इन्द्रप्रमितिरेकां तु संहितां स्वसुतं तत:।
माण्डुकेयं महात्मानं मैत्रेयाध्यापयत्तदा॥ १९॥
 
 
अनुवाद
हे मैत्रेय! इन्द्रप्रमिति ने अपनी शाखा की शिक्षा अपने पुत्र महात्मा माण्डूकेय को दी।
 
O Maitreya! Indrapramiti taught his branch to his son Mahatma Mandukeya.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)