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श्री विष्णु पुराण
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अंश 3: तृतीय अंश
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अध्याय 4: ऋग्वेदकी शाखाओंका विस्तार
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श्लोक 18
श्लोक
3.4.18
बोध्याग्निमाढकौ तद्वद्याज्ञवल्क्यपराशरौ।
प्रतिशाखास्तु शाखायास्तस्यास्ते जगृहुर्मुने॥ १८॥
अनुवाद
हे मुने! बाष्कल शाखा की उन चार शाखाओं को उनके शिष्यों बोध्य, अग्निमाधक, याज्ञवल्क्य और पराशर ने अपनाया। 18॥
Hey Mune! Those four branches of the Bashkala branch were adopted by his disciples Bodhya, Agnimadhak, Yajnavalkya and Parashara. 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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