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vishnu 3.4.16: हे ब्राह्मण! सबसे पहले उन्होंने ऋग्वेद के वृक्ष को दो भागों में विभाजित किया और उन दो शाखाओं को अपने शिष्यों इंद्रप्रमिति और बाष्कल को पढ़ाया।   |   vishnu अध्याय 3.4: ऋग्वेदकी शाखाओंका विस्तार   ।   vishnu अंश 3: तृतीय अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.4.16 
बिभेदं प्रथमं विप्र पैलो ऋग्वेदपादपम्।
इन्द्रप्रमितये प्रादाद‍्बाष्कलाय च संहिते॥ १६॥
 
 
अनुवाद
हे ब्राह्मण! सबसे पहले उन्होंने ऋग्वेद के वृक्ष को दो भागों में विभाजित किया और उन दो शाखाओं को अपने शिष्यों इंद्रप्रमिति और बाष्कल को पढ़ाया।
 
O Brahmin, first of all he divided the tree of Rigveda into two parts and taught those two branches to his disciples Indrapramiti and Bashkal.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)