vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 3: तृतीय अंश
»
अध्याय 2: सावर्णिमनुकी उत्पत्ति तथा आगामी सात मन्वन्तरोंके मनु, मनुपुत्र, देवता, इन्द्र और सप्तर्षियोंका वर्णन
»
श्लोक 25
श्लोक
3.2.25
दशमो ब्रह्मसावर्णिर्भविष्यति मुने मनु:।
सुधामानो विशुद्धाश्च शतसंख्यास्तथा सुरा:॥ २५॥
अनुवाद
हे मुने! दसवें मनु ब्रह्मसावर्णि होंगे। उनके समय में सुदामा और विशुद्ध नामक सौ-सौ देवताओं के दो समूह होंगे। 25॥
Hey Mune! The tenth Manu would be Brahmasavarni. During his time there will be two groups of hundred gods each named Sudhama and Vishuddha. 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×