vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 3: तृतीय अंश
»
अध्याय 2: सावर्णिमनुकी उत्पत्ति तथा आगामी सात मन्वन्तरोंके मनु, मनुपुत्र, देवता, इन्द्र और सप्तर्षियोंका वर्णन
»
श्लोक 14
श्लोक
3.2.14
तस्य मन्वन्तरं ह्येतत्सावर्णिकमथाष्टमम्।
तच्छृणुष्व महाभाग भविष्यत्कथयामि ते॥ १४॥
अनुवाद
हे महात्मन! सुनो! अब मैं तुम्हें उनके आठवें मन्वन्तर का वह विश्वव्यापी नाम सुनाता हूँ जो भविष्य में होने वाला है॥14॥
Listen, O great one! Now I shall describe to you this universal name of His eighth Manvantara which is going to happen in the future. ॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×