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vishnu 3.18.99: फिर उन पापात्माओं को देखकर क्या कहा जा सकता है जिन्होंने तीनों वेदों का सर्वथा परित्याग कर दिया है, पाखण्डियों का अन्न खाते हैं और वैदिक धर्म का विरोध करते हैं?॥ 99॥   |   vishnu अध्याय 3.18: मायामोह और असुरोंका संवाद तथा राजा शतधनुकी कथा   ।   vishnu अंश 3: तृतीय अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 18: मायामोह और असुरोंका संवाद तथा राजा शतधनुकी कथा  »  श्लोक 99
 
 
श्लोक  3.18.99 
किं पुनर्यैस्तु सन्त्यक्ता त्रयी सर्वात्मना द्विज।
पाषण्डभोजिभि: पापैर्वेदवादविरोधिभि:॥ ९९॥
 
 
अनुवाद
फिर उन पापात्माओं को देखकर क्या कहा जा सकता है जिन्होंने तीनों वेदों का सर्वथा परित्याग कर दिया है, पाखण्डियों का अन्न खाते हैं और वैदिक धर्म का विरोध करते हैं?॥ 99॥
 
Then what can one say about seeing those sinful souls who have completely abandoned the three Vedas, eat the food of hypocrites and oppose the Vedic faith?॥ 99॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)