श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 18: मायामोह और असुरोंका संवाद तथा राजा शतधनुकी कथा  »  श्लोक 77
 
 
श्लोक  3.18.77 
भूयस्ततो वृको जज्ञे गत्वा तं निर्जने वने।
स्मारयामास भर्त्तारं पूर्ववृत्तमनिन्दिता॥ ७७॥
 
 
अनुवाद
फिर वह भेड़िया बन गया; तब भी राजकुमारी अनिंदिता ने एकांत वन में जाकर अपने पति को उसके पूर्वजन्म की कथा याद दिलाई।
 
Then he became a wolf; even then the princess Anindita went to the lonely forest and reminded her husband of the story of his previous life.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)