श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 18: मायामोह और असुरोंका संवाद तथा राजा शतधनुकी कथा  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  3.18.49 
चतुर्णां यत्र वर्णानां मैत्रेयात्यन्तसंकर:।
तत्रास्या साधुवृत्तीनामुपघाताय जायते॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
हे मैत्रेय! जहाँ चारों वर्णों का बहुत अधिक मिश्रण होता है, वहाँ रहने से मनुष्य के सद्गुण नष्ट हो जाते हैं ॥49॥
 
O Maitreya! By living in a place where there is a lot of mixing of the four varnas, a man's virtuous qualities get destroyed. 49॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)