श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 18: मायामोह और असुरोंका संवाद तथा राजा शतधनुकी कथा  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  3.18.16 
पुनश्च रक्ताम्बरधृङ् मायामोहो जितेन्द्रिय:।
अन्यानाहासुरान् गत्वा मृद्वल्पमधुराक्षरम्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् जितेन्द्रिय मायामोह रक्तवेश धारण करके अन्य दैत्यों के पास गए और उनसे कोमल, संक्षिप्त और मधुर वचनों में बोले-॥16॥
 
Thereafter, Jitendriya Mayamoha, dressed in blood, went to other demons and said to them in soft, short and sweet words – ॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)