vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 3: तृतीय अंश
»
अध्याय 18: मायामोह और असुरोंका संवाद तथा राजा शतधनुकी कथा
»
श्लोक 16
श्लोक
3.18.16
पुनश्च रक्ताम्बरधृङ् मायामोहो जितेन्द्रिय:।
अन्यानाहासुरान् गत्वा मृद्वल्पमधुराक्षरम्॥ १६॥
अनुवाद
तत्पश्चात् जितेन्द्रिय मायामोह रक्तवेश धारण करके अन्य दैत्यों के पास गए और उनसे कोमल, संक्षिप्त और मधुर वचनों में बोले-॥16॥
Thereafter, Jitendriya Mayamoha, dressed in blood, went to other demons and said to them in soft, short and sweet words – ॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×