श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 16: श्राद्ध-कर्ममें विहित और अविहित वस्तुओंका विचार  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  3.16.5 
प्रशान्तिकास्सनीवाराश्श्यामाका द्विविधास्तथा।
वन्यौषधीप्रधानास्तु श्राद्धार्हा: पुरुषर्षभ॥ ५॥
 
 
अनुवाद
हे महात्मन! काले और सफेद रंग के देवधान्य, नीवर और श्यामक (श्यामक) तथा प्रमुख वनौषधियाँ श्राद्ध के लिए उपयुक्त द्रव्य हैं। 5॥
 
Oh great man! Devdhanya, Neevar and Shyamak (Shyamak) of black and white color and major herbal medicines are suitable substances for Shraddha. 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)