vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 3: तृतीय अंश
»
अध्याय 12: गृहस्थसम्बन्धी सदाचारका वर्णन
»
श्लोक 8
श्लोक
3.12.8
नावगाहेज्जलौघस्य वेगमग्रे नरेश्वर।
प्रदीप्तं वेश्म न विशेन्नारोहेच्छिखरं तरो:॥ ८॥
अनुवाद
हे मनुष्यों के स्वामी! तेज बहते हुए जल में न नहाओ, जलते हुए घर में प्रवेश न करो और वृक्ष की चोटी पर न चढ़ो ॥8॥
O Lord of men! Do not bathe in the face of a fast flowing water, do not enter a burning house and do not climb to the top of a tree. ॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×