vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 3: तृतीय अंश
»
अध्याय 12: गृहस्थसम्बन्धी सदाचारका वर्णन
»
श्लोक 13
श्लोक
3.12.13
चतुष्पथं चैत्यतरुं श्मशानोपवनानि च।
दुष्टस्त्रीसन्निकर्षं च वर्जयेन्निशि सर्वदा॥ १३॥
अनुवाद
चौराहा, चैत्यवृक्ष, श्मशान, बगीचा और रात्रि में दुष्ट स्त्री के समीप जाने से सदैव दूर रहो। 13॥
Always avoid the crossroads, the Chaitya tree, the cremation ground, the garden and the proximity of an evil woman at night. 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×