श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 11: गृहस्थसम्बन्धी सदाचारका वर्णन  »  श्लोक 99
 
 
श्लोक  3.11.99 
सच्छास्त्रादिविनोदेन सन्मार्गादविरोधिना।
दिनं नयेत्ततस्सन्ध्यामुपतिष्ठेत्समाहित:॥ ९९॥
 
 
अनुवाद
शेष दिन अच्छे शास्त्रों आदि का अवलोकन करते हुए तथा सन्मार्ग के विरोधाभासरहित हास्य-विनोद करते हुए व्यतीत करो और फिर सायंकाल को ध्यानपूर्वक संध्या-पूजन करो ॥99॥
 
Spend the rest of the day observing good scriptures etc. and having non-contradictory jokes of the right path and then do Sandhya worship carefully in the evening. 99॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)