प्राग्द्रवं पुरुषोऽश्नीयान्मध्ये कठिनभोजन:।
अन्ते पुनर्द्रवाशी तु बलारोग्ये न मुञ्चति॥ ८८॥
अनुवाद
जो मनुष्य पहले तरल पदार्थ खाता है, फिर बीच में कठोर पदार्थ खाता है और फिर अंत में पुनः तरल पदार्थ खाता है, वह बल और स्वास्थ्य से कभी वंचित नहीं रहता ॥88॥
A man who first eats liquids, then hard things in the middle, and then finally liquids again, is never lacking in strength and health. ॥ 88॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)