श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 11: गृहस्थसम्बन्धी सदाचारका वर्णन  »  श्लोक 69
 
 
श्लोक  3.11.69 
धाता प्रजापति: शक्रो वह्निर्वसुगणोऽर्यमा।
प्रविश्यातिथिमेते वै भुञ्जन्तेऽन्नं नरेश्वर॥ ६९॥
 
 
अनुवाद
हे नरेश्वर! धाता, प्रजापति, इंद्र, अग्नि, वसुगण और अर्यमा - ये सभी देवता अतिथि के भीतर प्रवेश करके भोजन करते हैं। 69॥
 
Hey Nareshwar! Dhata, Prajapati, Indra, Agni, Vasugana and Aryama - all these gods enter the guest and eat food. 69॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)