श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 11: गृहस्थसम्बन्धी सदाचारका वर्णन  »  श्लोक 59
 
 
श्लोक  3.11.59 
अतिथिं तत्र सम्प्राप्तं पूजयेत्स्वागतादिना।
तथासनप्रदानेन पादप्रक्षालनेन च॥ ५९॥
 
 
अनुवाद
यदि कोई अतिथि आये तो उसे भोजन और आसन देकर स्वागत करो तथा उसके चरण धोकर उसका आदर करो ॥59॥
 
If a guest comes, welcome him with food and a seat and honor him by washing his feet. 59॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)