श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 11: गृहस्थसम्बन्धी सदाचारका वर्णन  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  3.11.46 
इन्द्राय धर्मराजाय वरुणाय तथेन्दवे।
प्राच्यादिषु बुधो दद्याद‍्धुतशेषात्मकं बलिम्॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
बुद्धिमान पुरुष को चाहिए कि वह पूर्व, दक्षिण, पश्चिम और उत्तर दिशा में क्रमशः इन्द्र, यम, वरुण और चन्द्रमा के लिए यथोचित द्रव्यों से आहुति दे ॥ 46॥
 
A wise man should offer sacrifices with the appropriate materials to Indra, Yama, Varuna and the Moon in the east, south, west and north directions respectively. ॥ 46॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)