श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 11: गृहस्थसम्बन्धी सदाचारका वर्णन  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  3.11.41 
ततो गृहार्चनं कुर्यादभीष्टसुरपूजनम्।
जलाभिषेकै: पुष्पैश्च धूपाद्यैश्च निवेदनम्॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात गृहदेवता तथा इष्टदेव का जलाभिषेक करके तथा पुष्प एवं अगरबत्ती अर्पित करके पूजन करें। 41॥
 
Thereafter, worship the household deity and the presiding deity by offering water abhishek and offering flowers and incense sticks. 41॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)