श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 11: गृहस्थसम्बन्धी सदाचारका वर्णन  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  3.11.23 
ततस्स्ववर्णधर्मेण वृत्त्यर्थं च धनार्जनम्।
कुर्वीत श्रद्धासम्पन्नो यजेच्च पृथिवीपते॥ २३॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् हे पृथ्वी के स्वामी! अपने वर्णधर्म के अनुसार जीविका के लिए धन कमाओ और भक्तिपूर्वक यज्ञ का अनुष्ठान करो॥23॥
 
Thereafter O Lord of the Earth! Earn money for livelihood according to your varnadharma and perform yagya rituals with devotion. 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)