श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 11: गृहस्थसम्बन्धी सदाचारका वर्णन  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  3.11.2 
और्व उवाच
श्रूयतां पृथिवीपाल सदाचारस्य लक्षणम्।
सदाचारवता पुंसा जितौ लोकावुभावपि॥ २॥
 
 
अनुवाद
और्व ने कहा- हे पृथ्वी के रक्षक! पुण्य के लक्षण सुनो। पुण्यात्मा पुरुष इस लोक और परलोक दोनों को जीत लेता है॥ 2॥
 
Aurva said- O protector of the earth! Listen to the signs of virtue. A virtuous man conquers both this world and the other world.॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)