श्री विष्णु पुराण  »  अंश 3: तृतीय अंश  »  अध्याय 11: गृहस्थसम्बन्धी सदाचारका वर्णन  »  श्लोक 109
 
 
श्लोक  3.11.109 
तस्मात्स्वशक्त्या राजेन्द्र सूर्योढमतिथिं नर:।
पूजयेत्पूजिते तस्मिन्पूजितास्सर्वदेवता:॥ १०९॥
 
 
अनुवाद
अतः हे राजन! गृहस्थ को सूर्यास्त के समय आए अतिथि का यथाशक्ति सत्कार करना चाहिए, क्योंकि उसकी पूजा करने से समस्त देवताओं की पूजा हो जाती है ॥109॥
 
Therefore, O King, a householder must welcome a guest who arrives at sunset to the best of his ability, because by worshipping him, all the gods are worshipped. ॥109॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)