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श्री विष्णु पुराण
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अंश 3: तृतीय अंश
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अध्याय 11: गृहस्थसम्बन्धी सदाचारका वर्णन
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श्लोक 104
श्लोक
3.11.104
उपतिष्ठन्ति वै सन्ध्यां येनपूर्वां न पश्चिमाम्।
व्रजन्ति ते दुरात्मानस्तामिस्रं नरकं नृप॥ १०४॥
अनुवाद
हे राजन! जो दुष्ट बुद्धि वाले मनुष्य प्रातःकाल या सायंकाल संध्या उपासना नहीं करते, वे अन्धतामिस्र नामक नरक में गिरते हैं॥104॥
O King! Those evil-minded men who do not perform the Sandhya Upasana in the morning or evening fall into the hell called Andhatamisra. ॥104॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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