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श्री विष्णु पुराण
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अंश 3: तृतीय अंश
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अध्याय 10: जातकर्म, नामकरण और विवाह-संस्कारकी विधि
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श्लोक 24
श्लोक
3.10.24
ब्राह्मो दैवस्तथैवार्ष: प्राजापत्यस्तथासुर:।
गान्धर्वराक्षसौ चान्यौ पैशाचश्चाष्टमो मत:॥ २४॥
अनुवाद
ब्रह्म, दैव, आर्ष, प्रजापत्य, आसुर, गंधर्व, राक्षस और पैशाच- ये आठ प्रकार के विवाह हैं। 24॥
Brahm, Daiva, Arsha, Prajapatya, Asura, Gandharva, Rakshasa and Paishach – these are the eight types of marriages. 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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