Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 3.1.35: समस्त मन्वन्तरों में देवता रूप में स्थित भगवान विष्णु की अद्वितीय एवं सत्व-प्रधान शक्ति ही जगत् की स्थिति में अधिष्ठात्री देवता है ॥35॥ | vishnu अध्याय 3.1: पहले सात मन्वन्तरोंके मनु, इन्द्र, देवता, सप्तर्षि और मनुपुत्रोंका वर्णन । vishnu अंश 3: तृतीय अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
समस्त मन्वन्तरों में देवता रूप में स्थित भगवान विष्णु की अद्वितीय एवं सत्व-प्रधान शक्ति ही जगत् की स्थिति में अधिष्ठात्री देवता है ॥35॥
In all the Manvantara, the unique and sattva-dominant power of Lord Vishnu, who is situated in the form of a deity, is the presiding deity in the state of the world. 35॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥